दिनांक : 21-Mar-2026 07:53 AM
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Author: admin

छत्तीसगढ़ में डेयरी विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति, किसानों की बढ़ेगी आय – मुख्यमंत्री श्री साय

छत्तीसगढ़ में डेयरी विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति, किसानों की बढ़ेगी आय – मुख्यमंत्री श्री साय

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कहा कि छत्तीसगढ़ में श्वेत क्रांति की तर्ज पर डेयरी उद्योग को सशक्त बनाने और किसानों व पशुपालकों की आय दोगुनी करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन को लाभकारी व्यवसाय बनाने और प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है, जिसके तहत व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित  बैठक में पशुपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि दिसंबर 2024 में राज्य सरकार और NDDB के बीच हुए समझौते के बाद छत्तीसगढ़ में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु तेजी से  प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अधिकांश आबादी कृषि से जुड़ी है और अतिरिक्त आय के लिए पशुपालन...
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांगजनों के सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांगजनों के सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के द्वारा आयोजित दिव्यागजन सामूहिक विवाह समारोह में 31 दिव्यांग जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों के सुखी वैवाहिक जीवन की मंगलकामना करते हुए कहा कि यह आयोजन सामाजिक समरसता और दिव्यांगजनों के उत्थान का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। यह आयोजन भी देवतुल्य दिव्यांगजनों की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने परिषद द्वारा विगत अनेक वर्षों से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित करने की सराहना की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहल बताया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांगजनों के सामूहिक विवाह आयोजन को समाज में समावेशिता और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दिव्य...
राजिम कुंभ कल्प मेला की भव्यता और व्यवस्थाओं की हो रही सराहना

राजिम कुंभ कल्प मेला की भव्यता और व्यवस्थाओं की हो रही सराहना

Chhattisgarh, Rajim Nawapara
तीर्थ नगरी राजिम में 54 एकड़ में फैले कुंभ कल्प मेला की भव्यता और वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं को लोग सराह रहे हैं। नए मेला मैदान में मुख्य मंच, सांस्कृतिक मंच, फूड जोन, मीना बाजार, पंचकोशी धाम की झांकी सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। राजिम कुंभ कल्प में इस बार भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नया मेला मैदान चुना गया, जिससे ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की समस्या दूर हो गई। दर्शकों के लिए 5000 से अधिक कुर्सियां लगाई गई हैं, वहीं व्यापारियों को सस्ती दरों पर दुकानें आवंटित की गई हैं, जिससे छोटे व्यवसायियों में उत्साह है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पूरे मेला क्षेत्र में पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछाई गई, जिससे लोगों को पानी की कोई कमी नहीं हो रही है। वहीं 10 रुपए में भरपेट भोजन की सुविधा उपलब्ध है। महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालि...
बालोद: प्राकृतिक सौंदर्य और आस्था का संगम है नारागांव स्थित मां सियादेवी का मंदिर

बालोद: प्राकृतिक सौंदर्य और आस्था का संगम है नारागांव स्थित मां सियादेवी का मंदिर

Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थित माँ सियादेवी नारागांव एक ऐसा स्थल है, जहाँ प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। घने जंगलों से घिरा यह स्थान प्राकृतिक जलप्रपात, धार्मिक स्थल और पर्यटन क्षेत्र के रूप में प्रसिद्ध है। यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु माँ सियादेवी के दर्शन के लिए आते हैं और इस स्थान की अनुपम प्राकृतिक छटा का आनंद लेते हैं। छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से भी पर्यटक यहाँ घूमने और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करने के लिए पहुँचते हैं। माँ सियादेवी का यह मंदिर बालोद जिले के ग्राम नारागांव के समीप स्थित है। चारों ओर फैले घने जंगल और मंदिर के समीप स्थित जलप्रपात इसे और अधिक आकर्षक बनाते हैं। बारिश के मौसम में जब जलप्रपात पूरी ताकत के साथ प्रवाहित होता है, तब इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई देती है। झरने का मनमोहक दृश्य और उसके गिर...
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में किया श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग का श्रवण, छत्तीसगढ़ की समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में किया श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग का श्रवण, छत्तीसगढ़ की समृद्धि और खुशहाली की कामना की

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के डुंडा स्थित अशोका पाम मिडोज कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस पावन अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा रानी से समस्त छत्तीसगढ़वासियों की सुख-समृद्धि, शांति और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ का नमन करते हुए कथाव्यास पंडित श्री कृष्ण गौड़ शास्त्री से आशीर्वाद लिया और श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग का श्रवण किया। भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री साय ने कथाव्यास पंडित श्री कृष्ण गौड़ शास्त्री का माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अत्यंत सौभाग्य की बात है। यह न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि हमें धर्म, प्रेम और कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। मैं आशा करत...
राजिम कुंभ में पंचकोशी यात्रा की झांकी श्रद्धालुओं को कर रही आकर्षित

राजिम कुंभ में पंचकोशी यात्रा की झांकी श्रद्धालुओं को कर रही आकर्षित

Chhattisgarh
राजिम कुंभ कल्प मेला में इस बार पहले से अधिक भव्य और आकर्षक रूप में आयोजित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और संस्कृति का संगम इस मेले में देखने को मिल रहा है। मेले में दिनभर भजन-कीर्तन की गूंज के साथ देशभर के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जा रही हैं। इस बार पंचकोशी यात्रा की थीम पर बनी झांकी मेलार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जो आस्था और संस्कृति की झलक प्रस्तुत कर रही है। चौबेबांधा के नए मेला मैदान में पंचकोशी यात्रा की झांकी बनाई गई है, जो मेलार्थियों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही है। श्रद्धालु इस झांकी के समक्ष श्रद्धाभाव से शीश झुकाकर पुण्य लाभ ले रहे हैं। इस झांकी के माध्यम से पंचकोशी यात्रा के पांचों महादेव मंदिरों, यात्रा मार्ग और उनकी दूरी की जानकारी दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में राजिम मेला से एक माह पूर्व पंचकोशी यात्रा निक...
छत्तीसगढ़ का अनमोल खजाना: 293 मिलियन साल पुराने समुद्री जीवाश्मों का राज़ खोलता गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क

छत्तीसगढ़ का अनमोल खजाना: 293 मिलियन साल पुराने समुद्री जीवाश्मों का राज़ खोलता गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क

Chhattisgarh, India
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर छत्तीसगढ़ में घूमने-फिरने के लिए कई शानदार जगहें हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि हम पारंपरिक पर्यटन स्थलों से आगे बढ़कर राज्य के एक अनमोल खजाने गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को जाने। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्थित यह पार्क एशिया का सबसे बड़ा समुद्री जीवाश्म उद्यान है, जो पृथ्वी के 293 मिलियन साल पुराने इतिहास की झलक दिखाता है। यह वह दौर था जब आज का यह भूभाग एक ठंडे समुद्र के नीचे डूबा हुआ था। यह जीवाश्म पार्क केवल अतीत की कहानी नहीं बताता, बल्कि भारत की भूगर्भीय विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर भी प्रदान करता है। छत्तीसगढ़ सरकार इस अनमोल धरोहर को दुनिया के सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे यह स्थान वैज्ञानिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो सके। इस पार्क की खोज 1954 में भूवैज्ञानिक एस.के. घोष ने कोयला खनन के दौरान की थी। इसकी...
शिक्षा और एकता से ही होता है समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

शिक्षा और एकता से ही होता है समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Chhattisgarh, Tribal Area News and Welfare
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खड़िया अनुसूचित जनजाति उत्थान समिति के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज के सभी प्रबुद्धजनों और युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अगली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज की वास्तविक प्रगति तब होगी जब शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक एकता को समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और एकता से ही समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने खड़िया समाज के ऐतिहासिक सफर की चर्चा करते हुए 2011 में समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल...
सूरजपुर जिला प्रशासन की तत्परता से नाबालिग का बाल विवाह रूका

सूरजपुर जिला प्रशासन की तत्परता से नाबालिग का बाल विवाह रूका

Chhattisgarh, Tribal Area News and Welfare
बाल विवाह की रोकथाम के लिए संचालित अभियान के तहत जिला प्रशासन ने एक नाबालिग लड़की का विवाह रोककर सराहनीय कार्य किया। कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर परिवार को समझाइश दी और बाल विवाह होने से रोका। जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल को सूचना मिली कि नगर केंद्र सूरजपुर में 17 वर्ष 7 माह 20 दिन की लड़की का विवाह किया जाने वाला है। इस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रमेश साहू के निर्देश पर संयुक्त टीम का गठन कर त्वरित कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि मंडप की तैयारियां चल रही थीं और परिवारजन तिलक की रस्म के लिए कोरिया जाने की तैयारी कर रहे थे। टीम ने परिवार को कानून की जानकारी दी और बताया कि 18 वर्ष की आयु से पहले विवाह करने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कड़ी सजा और जुर्माने का प्रा...
चुनाव ड्यूटी में लापरवाही : 2 शिक्षक निलंबित, 118 कर्मचारियों को नोटिस

चुनाव ड्यूटी में लापरवाही : 2 शिक्षक निलंबित, 118 कर्मचारियों को नोटिस

Chhattisgarh
निर्वाचन कार्यों में लापरवाही बरतने पर रायगढ़ जिले के दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, वहीं 118 अधिकारी-कर्मचारियों को चुनाव प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कार्तिकेया गोयल ने बताया कि श्री काश्मीर कुजूर (माध्यमिक शाला आश्रम तेंदुमुड़ी) और श्री अखिल शर्मा (प्राथमिक शाला बालक, हमालपारा) को रायगढ़ नगर निगम के मतदान दल में नियुक्त किया गया था। लेकिन 10 फरवरी को केआईटी रायगढ़ परिसर में मतदान सामग्री वितरण के दौरान दोनों शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, खरसिया निर्धारित किया गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रवि राही ने बताया कि मतदान दलों के लिए विभिन्न विभागों के अधिक...