दिनांक : 16-Mar-2026 08:11 PM
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Author: admin

अचानकमार टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में बसे बम्हनी गांव की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या दूर हुई

अचानकमार टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में बसे बम्हनी गांव की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या दूर हुई

Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले अंतर्गत अचानकमार टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में बसा बम्हनी गांव की वर्षों पुरानी पेयजल की समस्या अब बीते समय की बात हो चली है। कभी ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था, वहां अब जल जीवन मिशन के माध्यम से घर के पास ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। जिला प्रशासन की यह पहल सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि आशा और आत्मसम्मान का नया स्रोत बन गई है। ग्रामीणों की वर्षों पुरानी प्यास बुझाने के इस कार्य का निरीक्षण करने स्वयं कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल अचानकमार क्षेत्र के सुदूर ग्राम बम्हनी पहुंचे। उन्होंने वहां बोरिंग से निकले पानी को स्वयं पीकर उसकी गुणवत्ता का प्रत्यक्ष परीक्षण किया। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए किसी सहानुभूति और भरोसे से कम नहीं था। वनांचल के दुर्गम गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत बोर खनन एवं पेयजल योजनाएं संच...
सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास

सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास

Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिला के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाला छोटा सा आदिवासी गांव धुड़मारास आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल यह गांव अब पर्यावरणीय संरक्षण और सतत विकास का मॉडल बनकर उभरा है। प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक जीवनशैली से परिपूर्ण यह गांव, अब सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अंचल में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्थानीय सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। धुड़मारास गांव में क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा आधारित विभिन्न परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर स्वच्छ पेयजल, रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों में विद्युत ...
किसानों के खुशहाली की राह बनी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

किसानों के खुशहाली की राह बनी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

Chhattisgarh
किसानों के जीवन में नया उजाला लेकर आई है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना। यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम धुसेरा निवासी श्री मनहरण बैस को इस योजना के लाभ मिला है। श्री बैस एक परिश्रमी किसान, जिनके कंधों पर पूरे पांच सदस्यीय परिवार की ज़िम्मेदारी है। उनके लिए हर मौसम एक नई चुनौती लेकर आता है। कभी सूखा, कभी अतिवृष्टि, कभी फसल का घाटा। ऐसे में यह योजना उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रही।अब तक मिल चुकी हैं 18 किस्तें, यानी कुल 36,000 रूपए की सहायता। यह रकम सीधे डीबीटी के ज़रिए उनके खाते में आती रही, जिससे उनकी खेती-किसानी को नया संबल मिला है। मनहरण कहते हैं कि कभी-कभी फसल में नुकसान हो जाता है, तब यह 2000 रुपए की किश्त बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। इससे खाद-बीज खरीदने, खेत की जुताई करने और परिवार की आवश्यकताओं को प...
नेशनल फुटबॉल खिलाड़ी किरण पिस्दा का जिला प्रशासन बालोद ने किया सम्मानित

नेशनल फुटबॉल खिलाड़ी किरण पिस्दा का जिला प्रशासन बालोद ने किया सम्मानित

Chhattisgarh
बालोद जिले की होनहार नेशनल फुटबॉल खिलाड़ी सुश्री किरण पिस्दा ने अपनी खेल प्रतिभा से न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन बालोद ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में उनका गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया। भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने हाल ही में एएफसी एशियन कप के लिए क्वालिफाई किया है, जिसमें बालोद जिले की किरण पिस्दा का चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। जिला प्रशासन ने किरण को शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित परिवार व जिले के लोगों ने किरण की इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।...
कांसाबेल की महिलाओं ने स्वरोजगार की राह अपनाई, बिहान योजना से बढ़ा आत्मविश्वास व बढ़ी आमदनी

कांसाबेल की महिलाओं ने स्वरोजगार की राह अपनाई, बिहान योजना से बढ़ा आत्मविश्वास व बढ़ी आमदनी

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना के तहत जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल गढ़ रही हैं। कांसाबेल विकासखंड के ग्राम सेम्हर कछार की हरियाली स्व-सहायता समूह की 11 महिलाओं ने छिंद कासा से आकर्षक टोकरी और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद तैयार कर अपनी आजीविका को मजबूत किया है। समूह की सदस्य श्रीमती बालमुनि भगत ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला। पहले महिलाएं केवल घरेलू कामकाज तक सीमित थीं, लेकिन अब वे सालाना लगभग 60 से 70 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं। यह कार्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दे रहा है। महिलाओं ने बताया कि बिहान योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। समूह के माध्यम से प्रशिक्षण, सहयोग और विपणन सुविधा मिलने से उनका उत्पाद अब स...
मेगा ऑयल पॉम प्लांटेशन ड्राइव से जुड़ रहे किसान, प्रति एकड़ एक लाख रूपए तक आमदनी

मेगा ऑयल पॉम प्लांटेशन ड्राइव से जुड़ रहे किसान, प्रति एकड़ एक लाख रूपए तक आमदनी

Chhattisgarh
केंद्र पोषित नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल पॉम योजना अंतर्गत रायगढ़ जिले में चल रही मेगा प्लांटेशन ड्राइव से किसानों को ऑयल पॉम की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। रायगढ़ में किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं। घरघोड़ा विकासखंड के बरौनाकुंडा में 6 किसानों ने 20 एकड़ में ऑयल पॉम के पौधे लगा रहे हैं। जिनमें श्री सुरजित सिंह राठिया, पवन साय राठिया, सगुन साय राठिया, श्रीमती जेमाबाई राठिया, जैनकुंवर राठिया तथा मोचन साय राठिया शामिल हैं। उद्यानिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि ऑयल पॉम पौध रोपण के 03 से 04 वर्ष बाद फलन प्रारंभ होने पर प्रति एकड़ 60 हजार रूपये तथा पौधों के बढ़ते उम्र में अधिक उत्पादन से 1 लाख रूपये तक की आमदनी कृषकों को लगातार 25 से 30 वर्षों तक प्राप्त होगी। रायगढ़ जिले में ऑयल पॉम की खेती हेतु गोदरेज एग्रोवेट कंपनी से शासन का अनुबंध हुआ है। अनुबंध के तहत कंपनी द्वारा प्लांटिंग मटेरियल...
सीएम कैंप कार्यालय में दिव्यांग नारायण सिंह को मिली ट्राईसायकल, मुख्यमंत्री साय को दिया धन्यवाद

सीएम कैंप कार्यालय में दिव्यांग नारायण सिंह को मिली ट्राईसायकल, मुख्यमंत्री साय को दिया धन्यवाद

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आज दिव्यांग श्री नारायण सिंह को ट्राईसायकल प्रदान किया गया। ट्राईसायकल पाकर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें एक नया सहारा मिल गया है। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले बासबहार निवासी श्री नारायण सिंह अपने पैरों से चलने-फिरने में असमर्थ थे। इससे उन्हें  समान्य दिनचर्या में भी काफी कठिनाईयों को सामना करना पड़ता था। उन्होंने अपनी परेशानियों का जिक्र करते हुए  सीएम कैम्प कार्यालय में आवेदन दिया। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आज श्री नारायण सिंह को  ट्राइसाइकिल प्रदान किया गया। ट्राइसाइकिल पाकर उन्होंने  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। सीएम कैंप कार्यालय बगिया मानवीय संवेदनाओं का केंद्र बन गया हैं। कैंप कार्यालय शासन की योजनाओं का आम जनता को लाभ दिलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के साथ ही असहाय, पीड़ितों और जरूरतमंदों को हर...
आत्मसमर्पण से आत्मनिर्भरता तक का सफर: शासन की नीति से प्रभावित होकर नक्सलवाद छोड़ा

आत्मसमर्पण से आत्मनिर्भरता तक का सफर: शासन की नीति से प्रभावित होकर नक्सलवाद छोड़ा

Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और पुनर्वास को लेकर लागू माओवादी आत्मसमर्पण पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 अब कई जिंदगियों में नई उम्मीद जगा रही है। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के सोनपुर गांव निवासी अन्नुलाल भंडारी इसका प्रेरक उदाहरण है। कभी बंदूक उठाने को मजबूर हुए अन्नुलाल ने माओवादी संगठन में करीब 20 वर्षों तक सक्रिय रहते हुए कई जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1998 में संगठन से जुड़े अन्नुलाल ने गुरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण प्राप्त कर संगठन के प्रचार-प्रसार, सुरक्षा और रसद जैसे कार्यों को अंजाम दिया। लेकिन डर और हिंसा के उस जीवन से निकलकर वर्ष 2017 में उन्होंने आत्मसमर्पण कर सरकार की पुनर्वास नीति को अपनाया और मुख्यधारा में लौट आए। पुनर्वास के बाद अन्नुलाल ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती कर सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत की। इसके बाद मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना न...
छात्र-छात्राओं की अनोखी पहल ने एक दिन में जुटाए 844 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक

छात्र-छात्राओं की अनोखी पहल ने एक दिन में जुटाए 844 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक

Chhattisgarh
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर जिले में प्लास्टिक मुक्त समाज की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर कलेक्टर के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग के सहयोग से जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में एक दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया जिसमें जिले भर के लगभग 15000 छात्र-छात्राओं ने घर-घर से निकलने वाले एकल उपयोगी प्लास्टिक के एकत्रीकरण हेतु व्यापक स्तर पर भागीदारी की। इस अभिनव पहल में न केवल छात्र-छात्राएं पूरे उत्साह के साथ आगे आए बल्कि उनके अभिभावकों ने भी बच्चों का भरपूर सहयोग कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। बच्चों ने अपने घरों से अनुपयोगी प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथीन की थैलियां एवं अन्य सिंगल यूज प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्रित कर उन्हें विद्यालय लाया जहां प्लास्टिक संग्रहण के पश्चात विद्यालय स्तर पर स्...
विशेष लेख : बस्तर में फैल रहा है अब विकास का उजियारा

विशेष लेख : बस्तर में फैल रहा है अब विकास का उजियारा

Chhattisgarh
छत्तीसगढ़, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, घने वन क्षेत्र और विविध जनजातीय समुदायों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। बस्तर के विकास में बाधक रहे नक्सलवाद के अब यहां से नक्सल उन्मूलन की अंतिम लड़ाई जारी है। बस्तर संभाग अपनी कला एवं संस्कृति के लिए विशिष्ट पहचान रखता है अकेले बस्तर संभाग में ही हल्बी, गोड़ी, भतरी दोलरी जैसे पारंपरिक बोली, बोली जाती है। वर्षों से अशांत रहे बस्तर अंचल में ढोल और मांदर की थाप अब फिर से सुनाई देने लगेगी। मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया है। सटीक रणनीति के साथ यहां आतंक के खात्मे और सामाजिक- आर्थिक विकास के काम हो रहे हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में जिस तरह लोगों ने भागीदारी की वो इस बात का प्रमाण है की बस्तर में अब शांति स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव...