दिनांक : 03-Mar-2026 02:32 PM
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India

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव में हजारों कावड़ियों का पुष्प वर्षा कर किया भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव में हजारों कावड़ियों का पुष्प वर्षा कर किया भव्य स्वागत

Chhattisgarh, India, Kawardha
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज प्रदेश के प्राचीन, पुरातात्विक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में पवित्र सावन मास के अवसर पर हजारों कावड़ियों का हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्यमंत्री श्री साय ने हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के साथ कावड़ियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उनका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी कावड़ियों का अभिनंदन किया। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार हुआ है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं हेलीकॉप्टर से शिवभक्त कावड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अद्वितीय मौके पर भोरमदेव बाबा भगवान शिव जी की विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक भी किया, जिसमें उन्होंने प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय और उपमुख्यमंत्री श्री...
विशेष लेख : विश्व आदिवासी दिवस : छत्तीसगढ़ में मुख्यधारा से जुड़ता आदिवासी समुदाय

विशेष लेख : विश्व आदिवासी दिवस : छत्तीसगढ़ में मुख्यधारा से जुड़ता आदिवासी समुदाय

Chhattisgarh, India, Tribal Area News and Welfare
जनजाति समुदायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। यह पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 1994 में घोषित किया गया था। यह दिन आदिवासियों को इनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और उन्हें मुख्य धारा में लाकर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए चहुंमुखी प्रयास के लिए प्रण लेने का दिन है। छत्तीसगढ़ में वन और सदियों से निवासरत आदिवासी राज्य की विशेष पहचान रहे हैं। प्रदेश के लगभग आधे भू-भाग में जंगल है, जहां मेला-महोत्सव के जरिए गौरवशाली आदिम संस्कृति फूलती-फलती रही है। उनकी कला, संस्कृति, लोक परंपरा, रीति-रिवाज, रहन-सहन तथा वेशभूषा से उन्हें देश-दुनिया में एक नई पहचान मिली है। जनजातियों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत उनके दैनिक जीवन, तीज-त्यौहार, धार्मिक रीति-रिवाज एवं परंपराओं के माध्यम से अभिव्यक्त होती है। बस्तर के...
रायपुर : राजस्व मंत्री ने पीएम आवास के हितग्राही को कराया गृह प्रवेश

रायपुर : राजस्व मंत्री ने पीएम आवास के हितग्राही को कराया गृह प्रवेश

Baloda Bazar, Chhattisgarh, India
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा हरेली त्यौहार के पावन अवसर पर विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम सकरी में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के हितग्राही को नवनिर्मित आवास का फीता काटकर गृह प्रवेश कराया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सुंदर मकान बनाने पर गिरजाशंकर एवं उसके परिवार को शुभकामनायें दी। उन्होंने नवनिर्मित मकान के आंगन में कटहल और अमरुद के पेड़ लगाए। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व संसदीय सचिव डॉ सनम जांगड़े, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल उपस्थित थे। पेशे से राज मिस्त्री हितग्राही गिरजाशंकर ने बताया कि पहले कच्चा मकान था। जिसमें कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता था। पक्का मकान का सपना था, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इसी बीच वर्ष 2020- 21 में प्रधान...
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासीयों को हरेली की दी गाड़ा गाड़ा बधाई, राजस्व मंत्री ने ‘मोर गंवई गंगा रे’ सुरमयी गीत गाकर उत्सव में बांधा समां

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासीयों को हरेली की दी गाड़ा गाड़ा बधाई, राजस्व मंत्री ने ‘मोर गंवई गंगा रे’ सुरमयी गीत गाकर उत्सव में बांधा समां

Chhattisgarh, India
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित हरेली तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व मंत्री श्री वर्मा के साथ कृषि यंत्रों की विधि-विधान से पूजा की और सभी को हरेली पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने हरेली तिहार कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक गीतों से सजी संगीतमयी प्रस्तुति का भी आनन्द लिया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी 'मोर गंवई गंगा रे' सुरमयी गीत गाकर उत्सव में समां बांध दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व मंत्री श्री वर्मा को हरेली तिहार कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी । मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरेली पर्व पर सभी ने ठेठरी, खुरमी सहित पारम्परिक व्यंजनों का आनन्द लेते हुए इस पर्व को मनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी छत्तीसगढ़ ...
मुख्यमंत्री ने बीरगांव में एन.के.डी. हॉस्पिटल का किया शुभारंभ, चिकित्सक सेवा भाव से मरीजों का इलाज करें

मुख्यमंत्री ने बीरगांव में एन.के.डी. हॉस्पिटल का किया शुभारंभ, चिकित्सक सेवा भाव से मरीजों का इलाज करें

Chhattisgarh, India, Raipur
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बीरगांव में एन.के.डी. हास्पिटल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अस्पताल के संचालकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। डॉक्टर गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नया जीवन देने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इलाज की आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस अस्पताल के चिकित्सक सेवा भाव से मरीजों का इलाज पुण्य का काम समझ कर करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के 24 वर्षाें में प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर जिला अस्पताल तक स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ हुई हैं, लेकिन अभी भी इस क्षेत्र में काफी कुछ करने की जरूरत है। मेेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। राज्य सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र को भी लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में कंधे से कंधा मिलाकर काम करना होग...
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे भोरमदेव में कावड़ियों पर पुष्प वर्षा, 5 अगस्त को कबीरधाम, राजनांदगांव और जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे भोरमदेव में कावड़ियों पर पुष्प वर्षा, 5 अगस्त को कबीरधाम, राजनांदगांव और जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे

Chhattisgarh, India, Jashpur, Kawardha, Rajnandgaon
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 5 अगस्त, सोमवार को भोरमदेव में शिव भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन के बारे में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार सुबह 7:00 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर से प्रस्थान करेंगे और लगभग 7:30 बजे भोरमदेव पहुंचेंगे। भोरमदेव में वह हजारों की संख्या में पहुंचे शिव भक्तों, जो सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा कर शिवजी का जल अभिषेक करने आए हैं, पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहा है, जब प्रदेश के मुखिया स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा करेंगे। उसके उपरांत भोरमदेव बाबा का पूजा अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के किये कामना करेंगे। कवर्धा में बूढ़ा महादेव मंदिर में करेंगे अभिषेक भोरमदेव में पुष्प वर्षा के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 8:00 बजे भोरमदेव मंदिर पहुंचेंगे। व...
मरीन ड्राइव का नाम बदलकर तेलीबांधा ड्राइव करने की साहू समाज की मांग, मुख्यमंत्री साहू समाज के हरेली उत्सव-सम्मान समारोह में हुए शामिल

मरीन ड्राइव का नाम बदलकर तेलीबांधा ड्राइव करने की साहू समाज की मांग, मुख्यमंत्री साहू समाज के हरेली उत्सव-सम्मान समारोह में हुए शामिल

Chhattisgarh, India, Raipur
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज हरेली तिहार के पवित्र दिन तेलीबांधा स्थित मरीन ड्राइव पर आयोजित हरेली उत्सव और साहू समाज के सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यहां नागर, गैती, गेड़ी सहित कृषि यंत्रों की पूजा की और प्रदेश के किसानों की खुशहाली के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। श्री साय ने भक्त माता कर्मा के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर आरती की और छतीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, कसडोल विधायक श्री संदीप साहू, पूर्व मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू सहित साहू समाज के अध्यक्ष श्री टहल सिंह साहू और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान साहू समाज ने मरीन ड्राइव का नाम परिवर्तन कर तेलीबांधा ड्राइव करने तथा दोनों ओर भव्य गेट बनाने और चौ...
प्रदेश के छात्रावासों में दो हज़ार सीटों की वृद्धि होगी : मुख्यमंत्री ने किया आठ करोड़ रुपए से अधिक लागत से बने पाँच कन्या छात्रावासों का शुभारंभ

प्रदेश के छात्रावासों में दो हज़ार सीटों की वृद्धि होगी : मुख्यमंत्री ने किया आठ करोड़ रुपए से अधिक लागत से बने पाँच कन्या छात्रावासों का शुभारंभ

Chhattisgarh, India
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज आरंग में पाँच कन्या छात्रावासों का शुभारंभ किया। पाँचो छात्रावासों के शुरू हो जाने से अनुसूचित जाति की तीन सौ कन्याओं की अपनी पढ़ाई के लिए आवासीय सुविधा मिलेगी। इन छात्रावासों की लागत आठ करोड़ छह लाख रुपये से ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आरंग 100 सीटर लागत 174.67 लाख, प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास मंदिर हसौद, 50 सीटर लागत 174.67 लाख, अनुसूचित जाति कन्या आश्रम आरंग 50 सीटर लागत 162.76 लाख, अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आश्रम 50 सीटर लागत 162.76 लाख, नवीन प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आरंग 50 सीटर लागत 152.97 लाख रूपए का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कन्या छात्रावास परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रामफल के पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सभी हॉस्टल, छात्रावासों म...
हरेली की खुशियां बिखरेंगी मुख्यमंत्री निवास में, आयोजन की तैयारी का उत्साह जोरशोर से

हरेली की खुशियां बिखरेंगी मुख्यमंत्री निवास में, आयोजन की तैयारी का उत्साह जोरशोर से

Chhattisgarh, India
हरेली के उल्लास को संजोने मुख्यमंत्री निवास परंपरागत तरीके से सजाया जा रहा है। हरेली के दिन 4 अगस्त को यहां किसान भाइयों के हल खुरपी नजर आयेंगे। गेड़ी में लोगों का उत्साह नजर आयेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उनके मंत्रिमंडल सहयोगी तथा अतिथिगण इस अवसर पर हरेली का आनंद लेंगे और परंपरागत तरीके से पूजा अर्चना करेंगे। हरेली तिहार के मौके पर मुख्यमंत्री सबसे पहले विधिविधान से कृषि उपकरणों की पूजा करेंगे। हरेली के अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ अंचल में लोग अपने अपने लोकगीत गाते हैं और नृत्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अंचल के सभी नृत्य एवं लोकगीतों का आयोजन करने कहा है ताकि पूरा छत्तीसगढ़ समवेत रूप में मुख्यमंत्री निवास में अपने पूरे सांस्कृतिक वैविध्य में नजर आये। करमा, राउत नाचा के सुंदर गीतों और लयबद्ध नृत्य के साथ आयोजन की शुरूआत होगी। फिर परंपरागत खेलों का आयोजन होगा। इसम...
विशेष लेख : छत्तीसगढ़ का परंपरागत तिहार हरेली

विशेष लेख : छत्तीसगढ़ का परंपरागत तिहार हरेली

Chhattisgarh, India
छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। इस त्यौहार से ही राज्य में खेती-किसानी की शुरूआत होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत् रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है। परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किस...