दिनांक : 03-Mar-2026 04:11 AM
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विद्यार्थियों की उपलब्धियां, कठिन परिश्रम, समर्पण, शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण : राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन

विद्यार्थियों की उपलब्धियां, कठिन परिश्रम, समर्पण, शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण : राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन

Chhattisgarh, India
राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों की परीक्षाओं में छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पत्रोपाधि के लिए उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर श्री राम प्रताप सिंह एवं सुश्री सुरभा देश पांडे को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि दी गई। समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएचडी छात्रों को उपाधि प्रदान की गई एवं इस उपाधि के आचार एवं गौरव की रक्षा करने का संदेश दिया गया। अतिथियों ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को उज्जवल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन ने समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि मुझे छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने...
विद्यार्थियों की उपलब्धियां, कठिन परिश्रम, समर्पण, शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण : राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन

विद्यार्थियों की उपलब्धियां, कठिन परिश्रम, समर्पण, शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण : राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन

Chhattisgarh, India
राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों की परीक्षाओं में छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पत्रोपाधि के लिए उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर श्री राम प्रताप सिंह एवं सुश्री सुरभा देश पांडे को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि दी गई। समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएचडी छात्रों को उपाधि प्रदान की गई एवं इस उपाधि के आचार एवं गौरव की रक्षा करने का संदेश दिया गया। अतिथियों ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को उज्जवल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन ने समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि मुझे छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने...
मुख्यमंत्री हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर भारतमाता की सामूहिक आरती कार्यक्रम में शामिल

मुख्यमंत्री हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर भारतमाता की सामूहिक आरती कार्यक्रम में शामिल

Chhattisgarh, India
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में संकल्प फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित भारतमाता की सामूहिक आरती एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में धारा 370 लागू थी, जिसके तहत वहां अलग से दो निशान, दो विधान और दो प्रधान का प्रावधान था।  धारा 370 के कारण वहां केंद्र के कई प्रावधान लागू नहीं होते थे। अन्य राज्यों के लोग वहां जमीन नहीं खरीद सकते थे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शुरू से धारा 370 के विरोधी थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 को समाप्त किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उस समय जम्मू कश्मीर जाने के लिए परमिट लगता था। परमिट तोड़...
मुख्यमंत्री हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर भारतमाता की सामूहिक आरती कार्यक्रम में शामिल

मुख्यमंत्री हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर भारतमाता की सामूहिक आरती कार्यक्रम में शामिल

Chhattisgarh, India
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में संकल्प फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित भारतमाता की सामूहिक आरती एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में धारा 370 लागू थी, जिसके तहत वहां अलग से दो निशान, दो विधान और दो प्रधान का प्रावधान था।  धारा 370 के कारण वहां केंद्र के कई प्रावधान लागू नहीं होते थे। अन्य राज्यों के लोग वहां जमीन नहीं खरीद सकते थे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शुरू से धारा 370 के विरोधी थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 को समाप्त किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उस समय जम्मू कश्मीर जाने के लिए परमिट लगता था। परमिट तोड़...
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों को सौंपी घर की चाबी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों को सौंपी घर की चाबी

Chhattisgarh, India
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगिया प्रवास के दौरान अपने निवास में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में पीएम जनमन योजना के तीन लाभार्थियों को नवनिर्मित घर की चाबी सौंपी। इस दौरान तीनों लाभार्थियों ने बांस से बनी टोकरी में आम, फल्ली और केला भेंटकर मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। आदिवासी समुदाय के आर्थिक-सामाजिक उत्थान के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना के तहत जिले के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर लोगों को लाभ मिल रहा है। जशपुर जिले के जनपद बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत 2016-23 तक कुल 90 आवास स्वीकृत किये गये थे। जिसमें 82 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण हो गए हैं। शेष 08 आवास का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2023-24 में पी.एम. जनमन आवास योजना के तहत कुल 07 हितग्राहियों का आवास स्वीकृत किया गया, जिसमें 03 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ ...
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों को सौंपी घर की चाबी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों को सौंपी घर की चाबी

Chhattisgarh, India
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगिया प्रवास के दौरान अपने निवास में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में पीएम जनमन योजना के तीन लाभार्थियों को नवनिर्मित घर की चाबी सौंपी। इस दौरान तीनों लाभार्थियों ने बांस से बनी टोकरी में आम, फल्ली और केला भेंटकर मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। आदिवासी समुदाय के आर्थिक-सामाजिक उत्थान के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना के तहत जिले के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर लोगों को लाभ मिल रहा है। जशपुर जिले के जनपद बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत 2016-23 तक कुल 90 आवास स्वीकृत किये गये थे। जिसमें 82 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण हो गए हैं। शेष 08 आवास का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2023-24 में पी.एम. जनमन आवास योजना के तहत कुल 07 हितग्राहियों का आवास स्वीकृत किया गया, जिसमें 03 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ ...
राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव : जब मुख्यमंत्री बने शिक्षक और बच्चों को बताया आदर्श विद्यार्थी में होने चाहिए कौन से पांच गुण

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव : जब मुख्यमंत्री बने शिक्षक और बच्चों को बताया आदर्श विद्यार्थी में होने चाहिए कौन से पांच गुण

Chhattisgarh, India
बगिया में राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज शिक्षक की भूमिका में दिखे। वे बगिया मिडिल स्कूल के बच्चों के बीच क्लास में पहुंचे। पढ़ाई लिखाई की बातों के बीच उन्होंने संस्कृत के श्लोक- ‘‘काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पहारी गृह त्यागी, विद्यार्थी पंचलक्षणं‘‘ के माध्यम से बताया कि एक आदर्श विद्यार्थी में पांच गुण जरूर होना चाहिए। एक छात्र को कौवे की तरह कभी हार न मानना और लक्ष्यों को पाने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। सारस की तरह अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्रचित्त होकर काम  करना चाहिए। श्वान की तरह जरूरत की नींद लें और सतर्क रहें। संतुलित आहार लें और अपने आराम को छोड़कर और कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों का सामना करने की क्षमता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों को बताया कि वे भी बगिया के इसी स्कूल से पढ़े हैं। तब यहां प्राइमर...
राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव : जब मुख्यमंत्री बने शिक्षक और बच्चों को बताया आदर्श विद्यार्थी में होने चाहिए कौन से पांच गुण

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव : जब मुख्यमंत्री बने शिक्षक और बच्चों को बताया आदर्श विद्यार्थी में होने चाहिए कौन से पांच गुण

Chhattisgarh, India
बगिया में राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज शिक्षक की भूमिका में दिखे। वे बगिया मिडिल स्कूल के बच्चों के बीच क्लास में पहुंचे। पढ़ाई लिखाई की बातों के बीच उन्होंने संस्कृत के श्लोक- ‘‘काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पहारी गृह त्यागी, विद्यार्थी पंचलक्षणं‘‘ के माध्यम से बताया कि एक आदर्श विद्यार्थी में पांच गुण जरूर होना चाहिए। एक छात्र को कौवे की तरह कभी हार न मानना और लक्ष्यों को पाने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। सारस की तरह अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्रचित्त होकर काम  करना चाहिए। श्वान की तरह जरूरत की नींद लें और सतर्क रहें। संतुलित आहार लें और अपने आराम को छोड़कर और कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों का सामना करने की क्षमता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों को बताया कि वे भी बगिया के इसी स्कूल से पढ़े हैं। तब यहां प्राइमर...
रायपुर : गीली मिट्टी की तरह होते हैं बच्चे, जैसा आप बनाना चाहते हैं बना सकते हैं….

रायपुर : गीली मिट्टी की तरह होते हैं बच्चे, जैसा आप बनाना चाहते हैं बना सकते हैं….

Chhattisgarh, India
बच्चे तो मन के सच्चे होते हैं और यह बिल्कुल ही गीली मिट्टी की तरह होते हैं.. आप इन्हें जिस रूप में आकार देना चाहते हैं, दे सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कुम्हार की चाक पर हाथ चलाते हुए राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में शायद यहीं संदेश दे रहे थे। जशपुर जिले में अपने गृहग्राम बगिया में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपनी पत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ कार्यक्रम स्थल पर चाक पर न सिर्फ हाथ आजमाए...उन्होंने गीली मिट्टी से दीया बनाकर मौके पर उपस्थित बच्चों और अभिभावकों को अलग-अलग संदेश दिया कि गीली मिट्टी की तरह बच्चे भी कोमल होते हैं और उन्हें किसी भी रुप में ढाला जा सकता है। वहीं दीया बनाकर उन्होंने अँधेरे को दूर करने में दीये की उपयोगिता को  बताने की भी कोशिश की। इस दौरान बगिया में कार्यक्रम स्थल पर लगायें एक- एक स्टाल का मुख्यमंत्री श्री साय ने अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों ...
रायपुर : गीली मिट्टी की तरह होते हैं बच्चे, जैसा आप बनाना चाहते हैं बना सकते हैं….

रायपुर : गीली मिट्टी की तरह होते हैं बच्चे, जैसा आप बनाना चाहते हैं बना सकते हैं….

Chhattisgarh, India
बच्चे तो मन के सच्चे होते हैं और यह बिल्कुल ही गीली मिट्टी की तरह होते हैं.. आप इन्हें जिस रूप में आकार देना चाहते हैं, दे सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कुम्हार की चाक पर हाथ चलाते हुए राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में शायद यहीं संदेश दे रहे थे। जशपुर जिले में अपने गृहग्राम बगिया में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपनी पत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ कार्यक्रम स्थल पर चाक पर न सिर्फ हाथ आजमाए...उन्होंने गीली मिट्टी से दीया बनाकर मौके पर उपस्थित बच्चों और अभिभावकों को अलग-अलग संदेश दिया कि गीली मिट्टी की तरह बच्चे भी कोमल होते हैं और उन्हें किसी भी रुप में ढाला जा सकता है। वहीं दीया बनाकर उन्होंने अँधेरे को दूर करने में दीये की उपयोगिता को  बताने की भी कोशिश की। इस दौरान बगिया में कार्यक्रम स्थल पर लगायें एक- एक स्टाल का मुख्यमंत्री श्री साय ने अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों ...