दिनांक : 12-Jan-2026 12:54 PM
Follow us : Facebook

Chhattisgarh

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयास से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड में शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयास से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड में शामिल

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ को मखाना बोर्ड में शामिल किया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले से राज्य में मखाना की खेती कर रहे किसानों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि हाल ही में धमतरी जिले में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय  कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में मखाना की खेती के प्रयासों को देखते हुए मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है। राज्य में हो रहे मखाने के उत्कृष्ट उत्पादन पर केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रसन्नता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मखाना बोर्ड के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती, जल प्रबंधन, प्रसंस्करण तकनीक और बाजार तक पहुच में सहायता दी जाएगी। इसी तारतम्य में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती शहला निगार की अध्यक्षता में आज मिशन फार इंटिग्रेटेड डेव्हलपमेंट आफ हार्टिकल्चर अंतर्गत र...
कोपरा जलाशय को राज्य का पहला रामसर साइट घोषित किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कोपरा जलाशय को राज्य का पहला रामसर साइट घोषित किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट घोषित किया जाना पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है। यह उपलब्धि राज्य की समृद्ध जैवविविधता, विविध पक्षी आवासों और सतत जल-संरक्षण प्रयासों को मिली वैश्विक मान्यता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए राज्य वेटलैंड प्राधिकरण, पर्यावरण विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित सहयोग से कोपरा जलाशय अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतर सका और छत्तीसगढ़ को यह ऐतिहासिक पहचान प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोपरा जलाशय को रामसर दर्जा मिलना “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047” के अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश के 20 वेटलैंड्स को रामसर साइट घोषित कराने...
जिन हाथों में कभी बंदूक थीं, वही हाथ अब बनाएँगे गरीबों का आशियाना

जिन हाथों में कभी बंदूक थीं, वही हाथ अब बनाएँगे गरीबों का आशियाना

Chhattisgarh
बस्तर संभाग के दुर्गम माड़ क्षेत्रों में कभी बंदूक थामे भय और हिंसा का पर्याय बने युवक अब समाज निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। शासन की सतत पहल और पुनर्वास के प्रयासों के चलते नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर भटके युवा अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं। ऐसे ही बीजापुर के 30 युवाओं ने राजमिस्त्री प्रशिक्षण  द्वारा भवन निर्माण की कला को सफलतापूर्वक सीख लिया है। यह परिवर्तन न केवल क्षेत्र में शांति का संकेत है, बल्कि आत्मनिर्भरता और उम्मीद की नयी शुरुआत भी है। अब गरीबों के लिए बनेंगे आशियाने बनाएंगे युवा राजमिस्त्री कौशल हासिल करने के बाद ये युवा अब अपने हुनर का उपयोग जरूरतमंद और गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित आवास निर्माण में करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों में भी ये प्रशिक्षित युवा योगदान देंगे, जिससे जिले में आवास निर्माण की गति और गुणवत्ता दोनों सुधरेंगी। नीं...
बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित होगा ‘सिटिज़न साइंस बर्ड सर्वे 2026’

बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित होगा ‘सिटिज़न साइंस बर्ड सर्वे 2026’

Chhattisgarh
सिटिज़न साइंस बर्ड सर्वे (नागरिक विज्ञान पक्षी सर्वेक्षण) एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें आम लोग बिना किसी वैज्ञानिक अनुभव के, पक्षियों को देखकर उनका डेटा इकट्ठा करते हैं, जिससे वैज्ञानिकों को पक्षियों की आबादी, प्रवास और पर्यावरणीय बदलावों (जैसे जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण) के प्रभावों को समझने में मदद मिलती है और यह डेटा पक्षियों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार तथा वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में सिटिज़न साइंस बर्ड सर्वे 2026 का आयोजन 16 से 18 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इस सर्वे का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध पक्षी-विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना, नागरिक वैज्ञानिकों की भागीदारी बढ़ाना और दीर्घकालिक संरक्षण कार्यों को मजबूत बनाना है। प्रकृति- रक्षित क्षेत्रों, घासभूमियों और व...
भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के समय को एक सप्ताह और बढ़ाया

भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के समय को एक सप्ताह और बढ़ाया

Chhattisgarh
भारत निर्वाचन आयोग ने 01.01.2026 की अर्हता तिथि के संदर्भ में राज्य में चलाए जा रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए निर्धारित तिथियों को एक सप्ताह और बढ़ाकर संशोधित कार्यक्रम की घोषणा की है। छत्तीसगढ़ राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम इस प्रकार है: 1. गणना चरण (एन्यूमरेशन फॉर्म) भरने की अवधि:04.11.2025 से 18.12.2025 2. मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण  /पुनर्व्यवस्थापन:18.12.2025 तक 3. कंट्रोल टेबल का अपडेशन और प्रारूप (ड्राफ्ट) सूची की तैयारी: 19.12.2025 से 22.12.2025 तक 4. प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन: 23.12.2025 5. दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि: 23.12.2025 से 22.01.2026 तक 6. नोटिस चरण (नोटिस जारी करना, सुनवाई और सत्यापन एवं दावा आपत्तियों का निराकरण) की अवधि: 23.12.2025 से 14.02.2026 तक 7. मतदाता सूचियों के ह...
गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित भव्य 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को आध्यात्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि “मां महामाया की पावन भूमि हसौद में 251 कुंडों में एक साथ सम्पन्न हो रहा यह महायज्ञ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई देता है।” मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा—“500 वर्षों के बाद अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प हुआ। छत्तीसगढ़ तो स्वयं भगवान श्रीराम का ननिहाल है—माता कौशल्या की पावन भूमि है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों की उन्नति और कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालि...
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दूसरा चरण शुरू, 180 नए गांव जुड़े बस सुविधा से

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दूसरा चरण शुरू, 180 नए गांव जुड़े बस सुविधा से

Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के सुदूर वनांचलों में ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया तथा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। दूसरे चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों के 23 मार्गों पर 24 नई बसों का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे 180 गांव सीधे बस सुविधा से जुड़ गए हैं। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में शामिल अनेक ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जिसे योजना के प्रथम चरण में प्रारंभ किया गया था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय चर्चा करते हुए बताया कि अब दूरस्थ इलाकों से ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है। सुकमा–दोरनापाल–कोंटा...
रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित भविष्य गढ़ने में सहायक होगा – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित भविष्य गढ़ने में सहायक होगा – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों के मध्य “रक्षक पाठ्यक्रम” के लिए एमओयू संपन्न हुआ। बाल अधिकार एवं संरक्षण पर आधारित यह अनूठा पाठ्यक्रम देश में अपनी तरह का पहला शैक्षणिक नवाचार है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में आवश्यक विशेषज्ञता भी विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे भूलवश या भ्रमित होकर गलत दिशा में चले जाते हैं क्योंकि वे अबोध होते हैं। ऐसे बच्चों को सही मार्ग पर लाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। मुख्यमंत्री श्री स...
राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री साय

राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री साय

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्र व समाज पर विपत्ति आई है, आदिवासी समाज ने उनका डटकर मुकाबला कर विघटनकारी तत्वों को मुहतोड़ जवाब दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय आज बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम कर्रेझर में आयोजित विराट वीर मेला महोत्सव को सम्बोबिधत कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने तीन दिवसीय विराट वीर मेला के अंतिम दिवस पर आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अमर शहीद वीरनारायण सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम कर्रेझर में मेला स्थल के समीप तालाब निर्माण हेतु 15 लाख, मेला आयोजन हेतु आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदान कि जाने वाली 10 लाख रूपये की सहयोग राशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने तथा राजार...
शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान, आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक – मुख्यमंत्री साय

शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान, आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक – मुख्यमंत्री साय

Chhattisgarh
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुव...